यूपी जनसंख्या कानून 2022 क्या है ?: (UP Jansankhya Kanoon) UP Population Control Bill 2021

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यूपी जनसंख्या कानून 2022: दोस्तों, अगर 2011 की जनगणना की बात करें तो उत्तर प्रदेश की जनसंख्या देश के अन्य राज्यों में सबसे अधिक है | उत्तर प्रदेश की जनसंख्या कई देशों से भी अधिक है। किसी भी देश के संसाधन की बात करें तो वह सिमित होता है | हमें संसाधन का उचित तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए | इन संसाधनों पर हमारी जनसंख्या का भी प्रभाव पड़ता है | अगर जनसंख्या बढ़ती है, तो संसाधनों का दोहन बढ़ जाता है | ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू  करना जरुरी हो जाता है | जिससे कि सभी नागरिकों को उचित मात्रा में संसाधन उपलब्ध हो सके | उत्तर प्रदेश की बढ़ती हुई जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य विधि आयोग ने एक पहल की है। उत्तर प्रदेश  राज्य विधि आयोग द्वारा यूपी जनसंख्या कानून का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव विधि आयोग द्वारा खुद तैयार किया गया है।

इस लेख के माध्यम से आज हम आपको इसी प्रस्ताव से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। जैसे कि यूपी जनसंख्या कानून प्रस्ताव क्या है?,  इसके लागू होने पर इसके अंतर्गत लोगों को क्या लाभ होंगे?, इस कानून का पालन ना करने पर लोगों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा? इस कानून का उद्देश्य एवं विशेषताएं आदि।

यूपी जनसंख्या कानून 2021

यूपी जनसंख्या कानून 2022

Table of Contents

राज्य विधि आयोग द्वारा यूपी जनसंख्या कानून प्रस्ताव को तैयार किया गया है। जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपाय के सुझाव दिए गए हैं। इस प्रस्ताव को अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है और 19 जुलाई 2021 तक इस प्रस्ताव पर राज्य की जनता से राय मांगी गई है। जनता द्वारा प्राप्त राय पर आयोग द्वारा विचार करने के पश्चात इस प्रस्ताव को सरकार को सौंप दिया जाएगा। यूपी जनसंख्या कानून प्रस्ताव के अनुसार जिनके पास दो या दो से कम बच्चे होंगे | ऐसे अभिभावकों को विभिन्न प्रकार की सुविधा प्रदान की जाएगी | दो से अधिक बच्चे वाले अभिभावकों को कई सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने का प्रावधान शामिल है।

इस प्रस्ताव में दो से अधिक बच्चे होने की स्थिति में सरकारी नौकरी में आवेदन से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने तक पर रोक लगाने का प्रावधान है। इस प्रस्ताव में कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों को 77 सरकारी योजनाओं एवं अनुदान से वंचित रखने का भी प्रावधान शामिल किया गया है।

यूपी जनसंख्या कानून का उद्देश्य

UP Jansankhya Kanoon 2021 का मुख्य उद्देश्य बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करना है। जिससे कि लोगों को हर प्रकार की सुविधाएं मिल सके | यदि इस कानून लागू किया जाता है तो इस कानून के माध्यम से वे सभी परिवार जो परिवार नियोजन के उपाय अपनाएंगे, उनको विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे | साथ ही वे सभी परिवार जो इस कानून का उल्लंघन करेंगे | ऐसे परिवारों को विभिन्न प्रकार के सरकारी लाभों से वंचित रखा जाएगा। इस योजना को लागू करने से उत्तर प्रदेश की जनसंख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी | जिससे कि संसाधनों का सामान आवंटन हो सकेगा। इस कानून के लागू होने से उत्तर प्रदेश में गरीबी कम करने में भी मदद मिलेगी।

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यूपी की जनसंख्या कितनी है 2021

हमारे देश में प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना की जाती है | भारत में 2011 में जनगणना हुई थी | उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 थी | जो कि भारत की कुल जनसंख्या का 16.50 प्रतिशत है | इसमें से पुरुषों की जनसंख्या 10 करोड़ 45 लाख 4 हजार 362 है | एवं महिलाओं की जनसंख्या 9 करोड़ 53 लाख 7 हजार 979 है |

अब अगली जनगणना 2021 में होगी | आप सोच रहे होंगे कि यूपी की जनसंख्या कितनी है 2021 में | तो एक अनुमान के अनुसार 2021 में जनसंख्या इतनी होगी –

2021 में उत्तर प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या है231,502,578
2021 में उत्तर प्रदेश के पुरुषों की अनुमानित जनसंख्या है121,078,754
2021 में उत्तर प्रदेश के महिलाओं की अनुमानित जनसंख्या है110,423,824

Key Highlights of up jansankhya kanoon

योजना का नामयूपी जनसंख्या कानून 2021
इसके द्वारा आरंभ किया जाएगाउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
लाभार्थीउत्तर प्रदेश के नागरिक
उद्देश्यउत्तर प्रदेश की जनसंख्या को नियंत्रित करना
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
साल2021
यूपी जनसंख्या कानून ड्राफ्टClick Here

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UP Jansankhya Kanoon 2021 के लाभ तथा विशेषताएं

  • यूपी जनसंख्या कानून प्रस्ताव उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग द्वारा तैयार किया गया है।
  • इस प्रस्ताव के तहत उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपाय के सुझाव दिए गए हैं।
  • इस प्रस्ताव पर 19 जुलाई 2021 तक जनता से राय मांगी गई है।
  • जनता से प्राप्त हुई राय के आधार पर आयोग द्वारा विचार करने के बाद प्रस्ताव को सरकार को सौंप दिया जाएगा।
  • इस प्रस्ताव में बताया गया है कि दो या दो से कम बच्चे वाले अभिभावक को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
  • वे सभी अभिभावक जिनके पास दो से अधिक बच्चे हैं, उनको कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित रखने का प्रावधान इस प्रस्ताव में शामिल किया गया है।
  • यदि इस प्रस्ताव को लागू किया जाता है तो इससे जनसंख्या नियंत्रण करने में मदद प्राप्त होगी।

UP Jansankhya Kanoon प्रस्ताव का पालन करने वाले नागरिकों के लिए प्रोत्साहन

यदि उत्तर प्रदेश जनसंख्या कानून प्रस्ताव लागू किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में कानून का पालन करने वाले नागरिकों को निम्न प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

लोक सेवकों के लिए प्रोत्साहन (दो बच्चे):

ऐसी सभी लोकसेवक जो दो बच्चों के जन्म के बाद स्वेच्छा से अपनी या फिर अपने पति या पत्नी की नसबंदी करवाते है उनको निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे।

  • पूरी सेवा के दौरान 2 अतिरिक्त वेतन वृद्धि दिया जाएगा |
  • हाउसिंग बोर्ड से प्लॉट या हाउस साइट या निर्मित घर की खरीद पर सब्सिडी दी जाएगी |
  • घर का निर्माण करवाने पर बहुत कम ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन दिया जाएगा |
  • पानी, बिजली, गृह कर आदि जैसी उपयोगिता पर छूट दी जायेगी |
  • बच्चे के जन्म पर 12 महीने का पूरे वेतन एवं भत्ते के साथ अवकाश की सुविधा दी जाएगी |
  • नेशनल पेंशन स्कीम के अंतर्गत एंप्लॉयर कंट्रीब्यूशन फंड में 3% की वृद्धि की जायेगी |
  • जीवनसाथी को मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधा एवं बीमा कवरेज

लोक सेवकों के लिए प्रोत्साहन (केवल एक बच्चा):

जो लोकसेवक एक बच्चा के जन्म के बाद अपनी मर्जी से अपनी या फिर अपने पति या पत्नी की नसबंदी करवाते है उनको निम्न लाभ दिए जाएंगे।

  • पूरी सेवाकाल के दौरान 2 अतिरिक्त वेतन वृद्धि
  • बच्चे को 20 साल की आयु तक मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधा एवं बीमा कवरेज की सुविधा
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस आदि सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में बच्चे को प्रवेश प्रदान करने में प्राथमिकता दी जाएगी |
  • स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था
  • बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
  • सरकारी नौकरी में प्राथमिकता आदि की सुविधा

आम जनता के लिए प्रोत्साहन ( दो बच्चे होने पर ):

राज्य के आम नागरिकों को दो बच्चों के जन्म के बाद अपनी मर्जी से अपनी या फिर अपने पति या पत्नी की नसबंदी करवाते है तो उनको निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे।

  • घर का निर्माण करवाने के लिए बहुत कम ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन की व्यवस्था
  • पानी, बिजली, गृह कर आदि जैसी उपयोगिता पर छूट की सुविधा

आम जनता के लिए प्रोत्साहन (एक बच्चा होने पर):

ऐसे सभी आम नागरिक जो लोकसेवक नही है, उन्हें एक बच्चे के जन्म के बाद अपनी मर्जी से अपनी या फिर अपने पति या पत्नी की नसबंदी करवाते है, तो उनको निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे।

  • घर का निर्माण करवाने के लिए बहुत कम ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन की सुविधा दी जायेगी |
  • पानी, बिजली, गृह कर आदि जैसी उपयोगिता पर छूट की सुविधा
  • बच्चे को 20 साल की उम्र तक मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधा एवं बीमा कवरेज की सुविधा
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस आदि सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में बच्चे को प्रवेश प्रदान करने में प्राथमिकता का प्रावधान
  • स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा की सुविधा
  • बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
  • सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जायेगी |

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को मिलने वाले मुख्य लाभ

यदि यूपी जनसंख्या कानून को लागू किया जाता है तो वे सभी नागरिक जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं एवं एक बच्चे के जन्म के बाद स्वेच्छा से अपनी या फिर अपने पति या पत्नी की नसबंदी करवाते है | उनको सरकार द्वारा एकमुश्त राशि का भुगतान का प्रावधान यूपी जनसंख्या कानून प्रस्ताव के तहत दिया गया है। यदि पैदा होने वाला बच्चा लड़का है तो यह एकमुश्त राशि 80000 रुपए की होगी और यदि बच्चा लड़की है तो यह एकमुश्त धनराशि 100000 रुपए की होगी।

यूपी जनसंख्या कानून 2021 का पालन ना करने पर लाभ से वंचित

राज्य के ऐसे नागरिक जो यूपी जनसंख्या कानून का पालन नहीं करेंगे | उनको कोई भी प्रोत्साहन प्रदान नहीं किया जाएगा। इसी के साथ उनको निम्नलिखित सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा।

  • कानून का पालन न करने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ से वंचित रखा जाएगा।
  • राशन कार्ड में भी परिवार के केवल चार ही सदस्य को शामिल किया जा सकेगा।
  • सरकारी अनुदान का भी लाभ  नहीं मिलेगा |
  • राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने से भी वंचित रखा जाएगा।
  • सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे |
  • सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन से वंचित रखा जाएगा |

UP Jansankhya Kanoon 2021 के अपवाद (exception)

यदि यूपी जनसंख्या कानून लागू किया जाता है तो इसके निम्नलिखित अपवाद होंगे| जिसमें परिवार को लाभ मिल सकता है |

  • दूसरी गर्भावस्था से जुड़वा जन्म की स्थिति |
  • यदि किसी व्यक्ति के पास पहले से दो बच्चे अपने हैं और तीसरा बच्चा गोद लिया है |
  • पहले अथवा दूसरे बच्चे की विकलांगता की स्थिति में
  • पहले, दूसरे या दोनों बच्चों की मृत्यु हो जाने की स्थिति में
  • वह दंपति जो इस अधिनियम के लागू होने के समय तीसरे बच्चे से गर्भवती हो |
  • बहु विवाह की स्थिति में

यूपी जनसंख्या कानून के क्रियान्वयन के लिए सरकार के उत्तरदायित्व

यदि राज्य में यूपी जनसंख्या कानून को लागू किया जाता है तो सरकार को निम्नलिखित कर्तव्यों को पूरा करना पड़ेगा |

  • सरकार द्वारा इस योजना का समय के साथ साथ जरुरत पड़ने पर संशोधन करना।
  • सभी प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर पर मेटरनिटी सेंटर को स्थापित करना।
  • फैमिली प्लैनिंग मैथर्ड के बारे में जागरूकता फैलाना।
  • गर्भावस्था पंजीकरण, प्रसव, जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को सुनिश्चित करना।
  • आयरन एवं विटामिन की कैप्सूल गर्भवती महिलाओं को देना।
  • बच्चों का टीकाकरण समय से करवाना।
  • छोटे परिवार होने वाले लाभ की जानकारी लोगों तक पहुंचाना।
  • सरकार द्वारा स्कूल करिकुलम में पापुलेशन कंट्रोल विषय को शामिल करना ।
  • सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों को निरोधक की व्यवस्था सुनिश्चिन करवाना |
  • यदि किसी कारणवश नसबंदी का ऑपरेशन सफल नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में 50000 रूपये का इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाएगा।
  • यदि नसबंदी के ऑपरेशन की कमी के कारण से बच्चे का जन्म होता है तो ऐसी स्थिति में यूपी जनसंख्या कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा एवं ऐसे दंपति को सभी सरकारी लाभ प्रदान किए जाएंगे।
  • एक स्टेट पापुलेशन फंड का भी गठित किया जाएगा | इसके माध्यम से इस योजना के कार्यान्वयन को संचालित किया जाएगा।

बहु विवाह की स्थिति में खास प्रावधान

राज्य सरकार के यूपी जनसंख्या कानून 2021 के प्रस्ताव में बहु विवाह के लिए एक खास प्रावधान रखा गया है। जिसके अनुसार कानून लागू होने पर धार्मिक या पर्सनल लॉ के अंतर्गत एक से अधिक शादी करने वाले दंपत्ति के लिए एक खास प्रावधान निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक शादी करता है और सभी पत्नियों से मिलाकर उसके दो से अधिक बच्चे होते हैं तो पति सभी सुविधाओं से वंचित रखा होगा | वही पत्नी को सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। यदि कोई महिला एक से अधिक शादी करती है | और उसके सभी पतियों से मिलाकर दो से अधिक बच्चे पैदा होते हैं तो ऐसी स्थिति में उस महिला को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा लेकिन उसके पतियों को सभी सुविधाएं दी जायेगी।

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से यूपी जनसंख्या कानून 2021 (UP Jansankhya Kanoon 2021) से जुड़े सभी प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख किया है | जिसको आप पढ़कर आसानी से इस प्रस्तावक कानून को समझ सकते हैं | यदि आपको किसी भी प्रकार का संदेह हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं | धन्यवाद !

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