Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan In Hindi | आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है? आवेदन कैसे करें

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan 3.0 | आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 ऑनलाइन आवेदन | Aatm Nirbhar 3.0 Application Form | आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 लाभ व पात्रता

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan (आत्मनिर्भर भारत अभियान) से तात्पर्य है कि भारत देश को हर क्षेत्र में खुद पर ही निर्भर बनाना है। वर्त्तमान समय में आत्मनिर्भर का तात्पर्य यह बिल्कुल नहीं है, कि दुनिया से कट जाना, बल्कि दुनिया के विकास में मदद करना है। कोरोना महामारी के संकट से देश में लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जिसके कारण देश में आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गयी। इसी आर्थिक संकट से देश को बाहर निकालने के लिए सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया गया था। तथा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गयी। भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 की सफलता के बाद आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 लॉन्च किया गया है। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0, 2.0 तथा 3.0 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। इस लेख को पढ़कर आप आत्मनिर्भर भारत अभियान से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। जैसे कि आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है?, इसके लाभ, विशेषताएं, पात्रता, आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत आने वाली योजनाएं, आवेदन प्रक्रिया, आदि। दोस्तो! यदि आप Aatm Nirbhar bharat 3.0 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको हमारे इस लेख को पूरा पढ़ना होगा।

Aatm Nirbhar bharat Abhiyan 3.0

देश को Corona संकट से हुए नुकसान से बाहर निकालने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान आरंभ किया गया था। देश में अब तक आत्मनिर्भर भारत की 2 फेस लॉन्च हो चुकी है। अब भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान की तीसरी फेस लांच की गई है। जिसे आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के नाम से जाना जाएगा। इस अभियान के तीसरी फेस के अंतर्गत 12 नई योजनाएं आरंभ की गई है। जिसके माध्यम से देश की इकोनॉमी को आगे बढाया जाएगा। Aatm Nirbhar bharat Abhiyan 3.0 के अंतर्गत नौकरी से लेकर व्यवसाय तक सभी क्षेत्रों को कवर किया गया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत निम्न योजनाएं लांच की गई है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 (2021-22) के बजट में हुई खास घोषणाएं

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के द्वारा  Aatm Nirbhar bharat Abhiyan की घोषणा 1 फरवरी 2021 को आम बजट में की की गई। इसी बजट में आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर कुछ खास बातें बताई गई है। वित्त मंत्री जी के बताया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान पिछले वर्ष कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया था। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार एवं रिजर्व बैंक के द्वारा 27.1 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। यह निवेश की गयी राशि देश की जीडीपी की 13% है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आत्मनिर्भर भारत अभियान के 3 पैकेज लांच किए गए थे जो अपने आप में ही 5 मिनी बजट के बराबर थे।

  • Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan 3.0 के अंतर्गत बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, किसानों की आय को दोगुना करना, सुशासन की स्थापना करना, युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध करना, महिला सशक्तिकरण और अन्य विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • 2021-22 का आम बजट स्वास्थ्य, भौतिक एवं वित्तीय पूंजी और बुनियादी ढांचा, आकांक्षात्मक भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी को फिर से विकसित करना, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास पर आधारित है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 पूंजीगत व्यय

कोरोना महामारी के चलते इस साल टैक्स रिवेन्यू ठीक तरीके से नहीं आने के कारण सभी राज्यों को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने का फैसला किया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत वित्त मंत्रालय द्वारा 9879 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय प्रदान करने की 27 राज्यों को अनुमति दे दी गई है। इस योजना से तमिलनाडु को छोड़कर देश के सभी राज्य लाभ उठा रहे हैं। इस योजना को सभी राज्य सरकारों से एक अच्छी प्रतिक्रिया भी मिली है। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 4939.8 करोड़ रुपए सभी राज्यों को पहली इंस्टॉलमेंट के अंतर्गत प्रदान कर दिए गए हैं। इसी के साथ कई सारे पूजिगत ब्यय प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दे दी गई है। जोकि स्वास्थ्य ,ग्रामीण विकास, वाटर सप्लाई, इरिगेशन, ट्रांसपोर्ट, एजुकेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट (शहरी विकास) के क्षेत्र में आते है।

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan  3.0 (Key Highlights)

योजना का नामआत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0
किस ने लांच कीभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
उद्देश्यदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार करना
साल2020

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के भाग

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के तीन भाग हैं। पहले भाग के अंतर्गत  उत्तर – पूर्वी क्षेत्र आता है। जिसके लिए कुल 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। आसाम राज्य को उसकी जनसंख्या तथा भौगौलिक क्षेत्र को देखते हुए 450 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। दूसरे भाग के अंतर्गत वे सभी राज्य आते हैं, जिनका उल्लेख पहले भाग में नहीं किया गया है।
  • दूसरे भाग के लिए सरकार ने 7500 करोड रुपए की राशि आवंटित की है। एवं योजना के तीसरे भाग के अंतर्गत कुल 2000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • तीसरे भाग के लिए आवंटित राशि केवल उन्हीं राज्यों को प्रदान की जाएगी, जो भारत सरकार द्वारा बताए गए चार सुधारों में से कम से कम तीन सुधार अपने राज्यों में लागू करेंगे। ये चार रिफॉर्म वन नेशन वन राशन कार्ड, इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म, अर्बन लोकल बॉडीज/ यूटिलिटी रिफॉर्म और पावर सेक्टर रिफॉर्म है।

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan के 5 स्तंब

आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत निम्न 5 स्तंभ निर्धारित किये गए है।

  • अर्थव्यवस्था: जो विकासशील के स्थान पर बड़ी उछाल पर आधारित है।
  • अवसंरचना:  ऐसी आधारभूत संरचना का निर्माण जो भारत की पहचान बने।
  • प्रौद्योगिकी संचालित प्रणाली: 21वीं सदी प्रौद्योगिकी पर आधारित
  • गतिशील जनसांख्यिकी (Vibrant Demography): आत्मनिर्भर भारत के ऊर्जा का स्रोत
  • मांग (Demand): मांग और पूर्ति की श्रृंखला की क्षमता का पूरी तरह उपयोग करना

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 का उद्देश्य

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन लगाया गया था। जिसके कारण देश के नागरिकों की अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी। देश के नागरिको की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान का आरंभ किया गया था। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत देश में अलग-अलग प्रकार की योजनाएं नागरिकों के लिए आरंभ की गई थी। जिससे कि देश की आर्थिक स्थिति सुधारा जा सकें। आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालकर आर्थिक स्थिति को सुधारना है। जिससे कि देश की अर्थब्यवस्था को पुनः पटरी पर लाया जा सके।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के लाभ तथा विशेषताएं

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 की घोषणा हमारे देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फरवरी 2021 के बजट भाषण में की गई।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान को कोरोना वायरस की महामारी के चलते आरंभ किया गया था।
  • इस योजना के अंतर्गत देश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए निवेश किया गया है।
  • इस योजना से देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने को पुनः पटरी पर लाया जा सकेगा।
  • Aatmnirbhar Bharat Abhiyan 3.0 के तहत 12 नई घोषणाएं की गई है। जिसके माध्यम से अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।

योजना के अंतर्गत आवंटित ब्यय राशि

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज1,92,800 करोड़ रुपए
आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 के लिए आवंटित राशि11,02,650 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज अन्न योजना82,911 करोड़ रुपए
आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 के लिए आवंटित राशि73,000 करोड़ रुपए
अर्जुन निर्मल भारत अभियान 3.0 के लिए आवंटित राशि2,65,080 करोड़ रुपए
RBI Measures12,71,200 करोड़ रुपए
Total Expenditure 29,87,641 करोड़ रुपए

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आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के अंतर्गत लांच की गई 12 योजनाएं

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

इस योजना के तहत संगठित क्षेत्र में रोजगार पैदा करने पर बल दिया जाएगा तथा अधिकतम लोगों को कर्मचारी भविष्य निधि से जोड़ा जाएगा।  आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 30 जून 2021 तक चलाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत केवल वही संस्थाएं लाभ प्राप्त कर सकते हैं, जो ईपीएफओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड है। जो संस्था ईपीएफओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड नहीं है, ऐसी संस्था इस योजना का लाभ नहीं उठा सकती। योजना के अंतर्गत ऐसी सभी संस्थाएं जिसमें 1000 से कम कर्मचारी हैं कर्मचारी के हिस्से का 12% तथा नौकरी देने वाले का भी 12% कुल मिलाकर 24% केंद्र सरकार ब्यय के रूप में योगदान देगी। और जिस संस्था में 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं ऐसी संस्थाओ में केंद्र सरकार कर्मचारियों के हिस्से का 12% योगदान देगी। यह योजना 2 वर्ष तक जारी रहेगी। इस योजना से जुड़ने के लिए आपको आधार के साथ इपीएफ अकाउंट खुलवाना होगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना देश के 116 जिलों में चलाई जा रही है। जिसके अंतर्गत अब तक कुल 37543 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके आलावा कुल 10000 करोड रुपए पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत और खर्च किए जाएंगे। जिससे देश के जरूरतमंद नागरिकों तक रोजगार पहुचाया जा सके, इससे देश की इकॉनमी में भी सुधार होगा।

आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम

उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का आरंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे कि देश में निर्यात बड़े तथा आयात कम हो। इस योजना के अंतर्गत अगले 5 साल के लिए दो लाख करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम में 10 नए सेक्टर जोड़े गए हैं। जिनमे एडवांस केमिकल सेल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक एंड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल ड्रग्स, टेलीकॉम एंड नेटवर्किंग प्रोडक्ट, टेक्सटाइल उत्पादन, फूड प्रोडक्ट, सोलर पीवी माड्यूल, व्हाइट गुड्स तथा स्पेशलिटी स्टील को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी)

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18000 करोड रुपए का अतिरिक्त ब्यय करने का निर्णय लिया गया है। यह राशि 18000 करोड रुपए 2020-21 के 8000 करोड़ रूपये के बजट से अलग होंगी। योजना के अंतर्गत 12 लाख  घरों को स्थापित किया जाएगा तथा 18 लाख  घरों को पूरा किया जाएगा। इस योजना से 78 लाख से ज्यादा नौकरी के अवसर उत्पन्न होंगे। तथा 25 लाख मैट्रिक टन स्टील और 131 लाख मैट्रिक टन सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।

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कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सहायता

भारत सरकार द्वारा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को 5 से 10% से घटाकर 3% कर दिया गया है। जिससे कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के पास काम करने के लिए कैपिटल अधिक होगा। अब टेंडर भरने के लिए ईएमडी की जरूरत भी नहीं होगी। अब इसकी जगह बिड सिक्योरिटी डिक्लेरेशन की जाएगी। यह सुविधा 31 दिसंबर 2021 तक प्रदान की जाएगी।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम को भी सरकार द्वारा 31 मार्च 2021 तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। जिससे कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना के अंतर्गत कॉलेटरल फ्री लोन प्रदान किया जाता था। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के अंतर्गत व्यवसाय के लिए लोन दिया जा रहा है। इस योजना के लिए पात्र एमएसएमई यूनिट, बिजनेस एंटरप्राइज, इंडिविजुअल लोन तथा मुद्रा लोन लेने वाले व्यक्ति हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 2.05 लाख करोड़ रूपए 61 लाख लोगों को प्रदान किए गए हैं। 

घर बनाने वाले तथा घर खरीदने वालों के लिए इनकम टैक्स रिलीफ

 सेक्शन 43CA के अंतर्गत डिफरेंशियल को 10% से बढ़ाकर 20% तक कर दिया गया है। यह बदलाव 30 जून 2021 तक के लिए पहली बार बेचे जाने वाले वाले घरों जिनकी वैल्यू दो करोड़ रुपए तक है, सिर्फ ऐसे घरों के लिए है।

एग्रीकल्चर सब्सिडी फर्टिलाइजर

 हम सभी जानते हैं कि खेत में पानी के बाद सबसे ज्यादा जरूरत खाद (फर्टिलाइजर) की पड़ती है। हमारे देश में प्रतिवर्ष फर्टिलाइजर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए 65000 करोड रुपए फर्टिलाइजर सब्सिडी के रूप में प्रदान किये जाएंगे। जिससे कि देश के सभी किसानों को (140 मिलियन किसानों) फर्टिलाइजर की कमी ना पड़े।

बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट्स

 देश में 811 एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट एलओसी के अंतर्गत फाइनेंस किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत कुल 3000 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता एक्जिम बैंक को प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट के प्रमोशन के लिए वितरित की जाएगी। यह वित्तीय सहायता आइडिया स्कीम के तहत प्रदान की जाएगी। प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट के अंतर्गत रेलवे, पावर, ट्रांसमिशन रोड, ट्रांसपोर्ट आदि जैसे प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है।

कैपिटल एंड इंडस्ट्रियल स्टीमुलस

कैपिटल तथा इंडस्ट्रियल खर्च के लिए कुल 10200 करोड रुपए का अतिरिक्त बजट सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। यह सहायता राशि डोमेस्टिक डिफेंस इक्विपमेंट, इंडस्ट्रियल इंसेंटिव, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी आदि को प्रदान की जाएगी। जिससे कि उत्पादन के क्षेत्र में सुधार लाया जा सके।

कोविड-19 वैक्सीन के शोध तथा विकास के लिए

देश को कोरोना संकट से स्थायी रूप से बाहर निकालने के लिए कोविड सुरक्षा मिशन फॉर रिसर्च तथा डेवलपमेंट ऑफ इंडियन कविड वैक्सीन के लिए 900 करोड रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता राशि डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को प्रदान की जाएगी।

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan Statistics

आवास योजना  (शहरी)18000 करोड़ रुपये
बूस्ट फॉर रूरल एंप्लॉयमेंट ( ग्रामीण रोजगार के लिए )10 हजार करोड़ रुपये
R&D ग्रांट फॉर COVID सुरक्षा-इंडियन वैक्सीन डेवलपमेंट900 करोड़ रुपये
इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल इंसेंटिव एंड डोमेस्टिक डिफेंस इक्विपमेंट10200 करोड़ रुपये
बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट3000 करोड़ रुपये
बूस्ट फॉर आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग1,45,980 करोड रुपये
सपोर्ट फॉर एग्रीकल्चर ( कृषि विकास )65 हजार करोड़ रुपये
बूस्ट फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर ( आधारभूत संरचना के लिए )6000 करोड़ रुपये
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना6000 करोड़ रुपये
Total Amount2,65,080 करोड रुपये
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आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत लांच की गई योजनाएं

  • देश की इकोनामी को पटरी पर लाने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निम्न घोषनाए की गयी थी।
  • एलटीसी कैश वाउचर स्कीम: एलटीसी कैश वाउचर स्कीम आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 में लांच की गई थी। इस योजना के माध्यम से अर्थव्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास किया गया।
  • फेस्टिवल एडवांस: फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत एसबीआई उत्सव कार्ड सभी लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं।
  • मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट तथा मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को 25000 करोड रुपए अतिरिक्त कैपिटल एक्सपेंडिचर के तौर पर प्रदान किए गए हैं।
  • देश के 11 राज्यों को कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए कुल 3621 करोड़ रुपए का लोन प्रदान किया गया है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 के अंतर्गत लांच की गई योजनाएं

·  किसान को आत्मनिर्भर बनाना: कोरोना वायरस के बढ़ते संकट से  सबसे बड़ी मार किसानों पर पड़ी है। इसीलिए आत्मनिर्भर भारत अभियान में 3 करोड़ किसानों को 4.22 लाख करोड़ रुपये का कृषि लोन दिया गया है। इसके अंतर्गत 3 महीने तक उन्हें लोन वापस करने की जरूरत नहीं है। साथ ही इंटरेस्ट सब्वेंशन और तुरंत लोन चुकाने के इंसेंटिव के रूप में मिलने वाली सुविधा 31 मई 2020 तक बढ़ा दी गई थी।

  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना: किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक कुल 157.44 लाख किसानों को 1,43,262 करोड़ रुपए का लोन प्रदान किया गया है।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अब तक कुल 1681.32 करोड रुपए का लोन वितरित किया गया है।
  • वन नेशन वन राशन कार्ड: इस योजना के अंतर्गत पूरे देश में एक ही राशन कार्ड के द्वारा राशन की किसी भी दुकान से राशन खरीदा जा सकता है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 सितंबर 2020 को लॉन्च किया गया था। अब तक 28 राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र में वन नेशन वन राशन कार्ड को लागू कर दिया गया है।
  • पीएम स्वनिधि योजना: पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत कुल 13.78 लाख लोंस स्ट्रीट वेंडर को वितरित किए गए हैं। जो 1373.33 करोड़ रुपए के हैं। यह देश के 30 राज्यों तथा 6 यूनियन टेरिटरीज में वितरित किए गए हैं।
  • स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम फॉर एनबीएफसी/एचएफसी: इस योजना के तहत अब तक कुल 7227 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
  • लिक्विडिटी इंजेक्शन फॉर डिस्कम्स: इस योजना के तहत अब तक कुल 118273 करोड रुपए का लोन सैंक्शन किया जा चुका है। जिसमें से 31136 करोड़ रुपए का लोन वितरित किया जा चुका है।
  • नाबार्ड के माध्यम से इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंडिंग:  इस योजना से कुल 25000 करोड रुपए किसानों के खाते में वितरित किए जा चुके हैं।
  • इसीएलजीएस1.0: इस योजना के कुल 2.05 लाख करोड़ रुपए 61 लाख लोगों को सैंक्शन किए जा चुके हैं। जिसमें से 1.52 लाख करोड़ रूपये अब तक वितरित किए जा चुके हैं।
  • पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0: इस योजना के तहत अब तक पब्लिक सेक्टर बैंक ने पोर्टफोलियो की खरीद के लिए कुल ,899 करोड रुपए अप्रूव कर दिए हैं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान पोर्टल पर रजिस्टर करने की प्रक्रिया

  • रजिस्टर करने के लिए सर्वप्रथम आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

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  • आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर  रजिस्टर  के लिंक बटन पर क्लिक करना होगा।

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  • रजिस्टर पर क्लिक करने पर आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा जिसमें आपको पूछी गई जानकारी जैसे आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको Create New Account के लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार से आप आत्मनिर्भर भारत अभियान के पोर्टल पर खुद को पंजीकृत कर पाएंगे।

आत्मनिर्भर भारत अभियान पोर्टल पर लॉगिन करने की प्रक्रिया

  • लोगिन करने के लिए सबसे पहले आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको लॉगिन के लिंक पर क्लिक करना है।

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  • लोगिन पर क्लिक करने पर आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा जिसमें आपको अपनी ईमेल आईडी तथा पासवर्ड दर्ज करना होगा।
  • अब आपको लॉगिन (Login) के बटन पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप Aatm Nirbhar bharat Abhiyan पोर्टल लॉगिन (Login) कर पाएंगे।

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